छत्तीसगढ़ चेम्बर द्वारा निर्मला सीतारमन,केन्द्रीय वित्तमंत्री को जीएसटी सरलीकरण एवं आयकर संबंधी सुझाव दिया गया

रायपुर : छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि आज दिनांक 05 अक्टूबर 2021, मंगलवार को दोपहर 03.00 बजे होटल बेबीलान इंटरनेशन, व्ही.आई.पी.रोड, रायपुर में आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी में निर्मला सीतारमन, केन्द्रीय वित्तमंत्री को छत्तीसगढ़ चेम्बर द्वारा जीएसटी सरलीकरण एवं आयकर संबंधी सुझाव दिया गया। अमर पारवानी ने कहा कि जीएसटी सरलीकरण एवं विसंगतियों को दूर करने औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों से प्राप्त सुझाव तथा आयकर संबंधी सुझाव निम्नानुसार हैः- जीएसटी हेतु सुझाव:- ऽ इनपुट क्रेडिट का 105 प्रतिशत सम्बंधित प्रावधान ऽ जीएसटी प्रणाली में ब्याज की गणना के प्रावधान को बदलने बाबत ऽ RCM संबधित प्रावधान ऽ एक ही लेनदेन पर दो दो बार ब्याज ऽ विक्रेता पर ही कार्यवाही की जानी चाहिए ऽ स्पॉट ऑडिट संबधित प्रावधान ऽ स्टेशनरी वस्तु “पेन“ पर जीएसटी में वृद्धि बाबत ऽ नियम 86 बी- Restriction of ITC to 99% ऽ नियम 21 जीएसटी पंजीकरण का निलंबन/निरस्तीकरण ऽ ई-वे बिल की वैधता अवधि में 50 प्रतिशत की कटौती ऽ ई-इनवॉइसिंग के 1 अप्रेल 2021 से रु. 50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों पर लागु किए गए प्रावधान वापस लेने बाबत ऽ E- Invoicing की स्थिति में खरीददार को इनपुट अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए ऽ छुटे हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेन एवं वार्षिक विवरण पत्र में संशोधन किए जाने हेतु अवसर प्रदान करने बाबत ऽ जीएसटी वार्षिक विवरण के संबंध में सुझाव ऽ One Time Amnesty स्कीम लानी चाहिए ऽ ब्याज, पेनाल्टी एवं विलंब शुल्क से छुट प्रदान करने हेतु ऽ माल के परिवहन एवं ई-वे बिल संबंधित समस्याएं ऽ जीएसटी का रजिस्टेªशन संरेडर करने बाबत ऽ रिटर्न सम्बंधित अन्य समस्याएं ऽ जीएसटी के प्रावधानों में सुधार हेतु अन्य सुझाव ऽ व्यवसाय को राहत देने एवं Ease of Doing हेतु सुझाव ऽ जीएसटी की दर में कमी करने हेतु सुझाव ऽ एक व्यवसाय एक कर ऽ प्रक्रिया को केन्द्रीकृत करें आयकर संबंधी सुझाव:- ऽ हाउस प्रापर्टी संबंधित ऽ टी.डी.एस. ऽ नगद लेन देन सीमा ऽ आयकर रिटर्न ऽ आयकर सर्च एवं सर्वे ऽ अन्य प्रावधानों में सुधार हेतु सुझाव चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष पारवानी ने माननीया निर्मला सीतारमन , केन्द्रीय वित्तमंत्री से कहा कि वर्तमान में व्यापारी वर्ग जीएसटी की दरों से जितना परेशान नहीं हैं उससे अधिक परेशान जीएसटी में परिवर्तन की दरों (जीएसटी के प्रावधानों में निरंतर हो रहे संशोधनों) से हैं । अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि जीएसटी के प्रावधानों में संशोधन कम हो एवं संशोधन वित्तीय वर्ष के प्रारंभ से ही लागू हो। पारवानी ने निर्मला सीतारमन जी, केन्द्रीय वित्तमंत्री से निवेदन किया कि व्यापार एवं उद्योग के हित में तथा जीएसटी के सरलीकरण के दिशा में उपरोक्त सुझावों को जीएसटी काउंसिल में रखा जाय साथ ही आयकर संबंधी सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। प्रतिनिधि मंडल में चेम्बर सलाहकार- जितेंद्र दोशी, सुरेंद्र सिंह, परमानंद जैन, अजय अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा,कार्यकारी अध्यक्ष- राम मंधान, उपाध्यक्ष- हीरा मखीजा, महेश दरयानी,मनोज जैन,कन्हैया गुप्ता,नरेंद्र हरचंदानी,श्रीनिवास रेड्डी,पृथ्वी पाल छाबड़ा,अमृत पटेल,भरत जैन, महेश जेठानी, नीलेश सेठ, विजय गुरबक्सानी मंत्री-शंकर बजाज, प्रशांत गुप्ता,नीलेश मुंधड़ा, लोकेश साहू, जितेंद्र गोलछा, राकेश (जनक) वाधवानी, दीपक लड्ढा, गोविंद माहेश्वरी, जवाहर थौरानी, बी के सिंह, विपुल समानी,राजेश शर्मा,एवं सदस्य- वासु मखीजा,अवनीत सिंह,महेश खिलोसिया,भारत मखीजा, विजय जैन, नरेश पाटनी, प्रीतपाल सिंह बग्गा, अशोक जैन,पुष्कर अग्रवाल,रजत छाबड़ा, कांति पटेल,ललित सोमानी, जयेश पटेल, राकेश सोमानी,राहुल पटेल,राम ओबेरिया,राकेश अग्रवाल, बाबू भाई मोदी,राकेश रागवानी, कपिल दोशी, रतन अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, अमरलाल सचदेव,आनंद गुप्ता, हरीश अग्रवाल, महेश चांदवानी, लक्ष्मण कुकरेजा, राजकुमार बेदी, तनु बेदी, गिरधारी लाल लालवानी, विक्की भवनानी, विकास आहूजा,विकास पंजवानी ,निखिल जवेरिक,मोहित केशवानी ,पराग शाह इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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