बाहर खड़े पिता कर रहे थे बेटी की सफलता की उम्मीद. " नौकरी की दौड़ जीती, जिंदगी की हार गई अंशिका "

इकलौती बेटी को पुलिस में भर्ती कराने का सपना संजोए अंशिका के पिता रामवीर उसे लेकर खुद ही बरेली पहुंचे थे। बेटी पीएसी ग्राउंड में दौड़ रही थी और बाहर खड़े पिता उसकी सफलता की दुआ कर रहे थे। मगर उन्हें अच्छी और बुरी, दोनों खबरें सुनने को मिलीं। बेटी अंशिका ने पुलिस भर्ती की दौड़ तो पूरी कर ली लेकिन वह जिंदगी की दौड़ हार चुकी थी।

बागपत के फजलपुर सुंदर नगर की रहने वाली अंशिका सिंह आरक्षी भर्ती के लिए हो रही शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने आई थीं। यहां उन्हें 14 मिनट में छह राउंड लगाकर 2.4 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी। अंशिका ने यह दौड़ 13 मिनट और कुछ सेकेंड में पूरी कर ली। मगर इसके साथ ही वह ट्रैक पर बेसुध होकर गिर पड़ी और दम तोड़ दिया।

ALL NEWS CG NEWS

Related Articles

36999.jpg

More News