भूपेश सरकार की नई आबकारी नीति : मदिरा प्रेमियों को अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा, सरकार ने 5 रुपए बढ़ा दिया, अहाता में मिलेगा चखना, राज्य की सीमाओं पर खुलेगा आबकारी थाना…

रायपुर. प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति जारी कर दी है. शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में कैबिनेट बैठक के बाद नई नीति जारी की गई. इसके मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष के मुताबिक  प्रदेश में कुल 662 शराब दुकानें संचालित की जाएगी. वहीं भूपेश सरकार ने मोदी सरकार के स्वच्छता सेस की तर्ज पर गौठान के विकास तथा रख-रखाव के लिए शराब के फुटकर विक्रय पर 5 रुपए अतिरिक्त आबकारी शुल्क वसूल करेगी. इसके अलावा शराब दुकानों में संचालित अहाता में मदिरा प्रेमियों के लिए चखना उपलब्ध रहेगी. सरकार ने अहाता में खाद्य सामग्री बेचने पर प्रतिबंधत लगा दिया गया था, जिसे हटा दिया गया है. दूसरे प्रदेशों के शराब की अवैध बिक्री रोकने के लिए सीमाओं पर चौकी की स्थापना की जाएगी.

पढ़िए सरकार की नई आबकारी नीति- 

आबकारी नीति वर्ष 2020-21, गत वर्ष की भांति ही रखा जाना प्रस्तावित है. गतवर्ष की भांति 662 मदिरा दुकानें संचालित किए जाने तथा आवश्यकतानुसार बड़े जिलों में प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है.

 वित्तीय वर्ष 2020-21 में आबकारी राजस्व की सुरक्षा की दृष्टि से कम्पॉजिट शॉप अनुज्ञप्ति का प्रावधान किया जाना प्रस्तावित है. जिसके अंतर्गत स्वीकृत अनुज्ञप्ति के अधीन एक ही मदिरा दुकान से आवश्यकता होने पर देशी तथा विदेशी मदिरा का विक्रय किया जा सकेगा.

प्रदेश सरकार के द्वारा शराबबंदी की दशा में कदम बढ़ाते हुए एफ०एल० 2 (रेस्टोरेंट बार लाइसेन्स) के तहत बीयर बार बंद करने का निर्णय लिया है. इस निर्णय से राज्य में संचालित 49 बीयर बार दिनांक 1 अप्रैल 2020 से बंद कर दिए जायेंगे.

व्यावसायिक क्लब लाइसेन्स न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा (एम.जी.) एम०जी० का निर्धारण किए जाने का निर्णय लिया गया है.

देश के अन्य प्रदेशों में क्राफ्ट बीयर के बढ़ते प्रचलन को ध्यान में रखते हुए राज्य की जनता को ताजी बीयर उपलब्ध कराए जाने की दृष्टि से राज्य में लघु यवासवनी (माइक्रोब्रेवरी) लगाये जाने हेतु अनुमति प्रदान किया किया गया है. माइक्रोब्रेवरी केवल रायपुर बिलासपुर तथा दुर्ग संभाग में लगाए जाने की अनुमति प्रदान की गई.

फुटकर मदिरा दुकानों में सभी प्रकार के ब्राण्ड उपलब्ध कराए जाने को सुनिश्चित करने हेतु थोक विदेशी मदिरा नए व्यवस्था के तहत प्रदाय किए जाने पर सहमति प्रदान की गई. नयी व्यवस्था के तहत नवीन लायसेंस के माध्यम से थोक विदेशी मदिरा का प्रदाय किया जावेगा. नवीन लायसेंस के अधीन लायसेंसी के द्वारा विदेशी मदिरा की माँग के आधार पर अपने फर्म के अधीन पंजीकृत विदेशी मदिरा प्रदायकर्ताओं की मदिरा को छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड के भंडागार में भंडारण करेगा एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड को प्रदान करेगा. सी०एस०बी०सी० तथा सी०एस०एम०सी०एल० के द्वारा कम अथवा नहीं बिकने वाली मदिरा के भंडारण पर शास्ति अधिरोपित की जा सकेगी. लोकप्रिय ब्रांड की उपलब्धता होने से अवैध मदिरा की बिक्री पर अंकुश लगेगा.

विदेशी मदिरा की उचित मात्रा में राज्य में उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए तथा व्यवस्थित रूप से प्रदाय की दृष्टि से वर्तमान में देशी मदिरा भंडारण हेतु जिलों में संचालित मद्य भाण्डागारों को छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड के अधीन किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है.

वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के द्वारा संचालित अहाता में खाद्य सामग्री प्रतिबंधित है. इस व्यवस्था के फलस्वरूप मदिरा दुकानों के आसपास मदिरा प्रेमियों के द्वारा मदिरापान किया जाता है तथा अव्यवस्थित रूप से ठेलों/खोमचों में खाद्य पदार्थ विक्रय किया जाता है जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है. इसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रचलित अहाता नीति में संशोधन करते हुए अहाता में खाद्य पदार्थ के विक्रय की अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया.

 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन संचालित गौठान के विकास तथा रख-रखाव के लिए राशि की आवश्यकता की प्रतिपूर्ति हेतु देशी तथा विदेशी मदिरा (न्यूनतम ड्यूटी दर) के फुटकर विक्रय पर प्रति नग 5/- की दर से “अतिरिक्त आबकारी शुल्क” अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है.

राज्य में पड़ोसी राज्यों से अवैध मदिरा, मादक औषधि टेबलेट इत्यादि की आमद की जाकर विक्रय किये जाने की शिकायत निरंतर प्राप्त होती है तथा बड़ी मात्रा में अवैध मदिरा तथा मादक औषधि आदि जप्त कर इसमें लिप्त अपराधियों को जेल भेजा गया है. अवैध मदिरा तथा मादक औषधि टेबलेट इत्यादि की राज्य में आमद एवं विक्रय पर प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से पड़ोसी राज्यों की सीमा से लगे जिलों में आबकारी थाने तथा जांच चौकी खोले जाने का निर्णय लिया गया है.

सरकार को जनवरी 2020 तक 4090 करोड़ का राजस्व मिला

देशी  विदेशी मंदिरा दुकानों से मदिरा के फुटकर विक्रय हेतु छतीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉपोरेशन लिमिटेड का गठन किया गया है, जिसके द्वारा आबकारी नीति के अंतर्गत देशी विदेशी मदिरा का फुटकर विक्रय किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रदेश के 712 मदिरा दुकानों में से 50 दुकाने बंद करने का निर्णय राज्य सराकर द्वारा लिया गया था तथा 662 मदिरा दुकाने संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई थी. वर्तमान में प्रदेश में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के द्वारा 337 देशी एवं 311 विदेशी मंदिरा दुकानें संचालति है तथा आवश्यकतानुसार प्रीमियम विदेशी मंदिरा की फुटकर दुकानों का भी संचालन किया जा रहा है.

 छतीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉपोरेशन लिलिमटेड द्वारा राज की समस्त देशी-विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों का संचालन किया जा रहै है तथा प्रचलित व्यवस्था से विगत 10 माह में राजस्व की दृष्टि से वर्ष 2018-19 की तुलना में वर्ष 2019-20 में 11.49 प्रतिशत राजस्व की वृद्धि हुई है.

पूर्व में ठेकेदारों के माध्यम से मंदिरा दुकानों का संचालन किया जा रहा था. तथा कोचियों के माधम से अवैध शराब के विक्रय तथा असामाजिक तत्वों के द्वारा क़ानून व्यवस्था भंग करने की शिकायतें प्राप्त होती रहती थी. वर्तमान में व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में कोयिचों द्वारा मदिरा के अवैध विक्रय में रोकथाम हुई है. जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था निर्मित होने में सफलता मिली है. 5000 स्थानीय व्यक्तियों को प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है. वित्तीय वर्ष 2019-20 में समस्त फुटकर मदिरा दुकानों के संचालन की स्थिति में रुपए 5000 करोड़ का राजस्व लक्ष्य निर्धारित है. इसके विरूद्ध माह जनवरी 2020 तक रुपए 4090 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है.

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